केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। 8वां वेतन आयोग जल्द ही उनके वेतन और पेंशन में भारी बढ़ोतरी ला सकता है। लेकिन, अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं।
वेतन में कितनी बढ़ोतरी होगी?एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूनतम मूल वेतन जो अभी ₹18,000 है, वह बढ़कर ₹51,480 तक हो सकता है। यानी कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, मौजूदा केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) की जगह एक नई स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू हो सकती है, जो कर्मचारियों को बेहतर मेडिकल कवरेज देगी। यह खबर निश्चित रूप से लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरी है।
कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?हालांकि, इस प्रक्रिया में अभी कुछ समय लग सकता है। लाइवमिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, 8वें वेतन आयोग का अभी तक औपचारिक गठन नहीं हुआ है। आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के साथ-साथ संदर्भ की शर्तों (टीओआर) को अंतिम रूप देना अभी बाकी है। वित्तीय और प्रशासनिक चुनौतियों की वजह से इस प्रक्रिया में देरी हो रही है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ की एक रिपोर्ट का अनुमान है कि यह आयोग 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत से पहले लागू नहीं होगा। पिछले अनुभवों के आधार पर, वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में डेढ़ साल तक लग सकते हैं, और फिर कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू होने में 3 से 9 महीने और लग सकते हैं।
कितना बढ़ेगा न्यूनतम वेतन?कोटक की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि न्यूनतम वेतन करीब ₹30,000 प्रति माह तक बढ़ सकता है। इसका मतलब है कि फिटमेंट फैक्टर लगभग 1.8 होगा, जिससे वेतन में करीब 13% की वास्तविक बढ़ोतरी होगी। वहीं, एम्बिट कैपिटल की एक अन्य रिपोर्ट का दावा है कि वेतन और पेंशन में 30-34% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इस बदलाव से करीब 44 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को सीधा फायदा होगा। यह आयोग 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की जगह लेगा, जिसे 2016 में लागू किया गया था और उसमें केवल 14% की बढ़ोतरी हुई थी।
फिटमेंट फैक्टर का क्या है खेल?फिटमेंट फैक्टर वेतन वृद्धि की गणना में एक अहम भूमिका निभाता है। एम्बिट कैपिटल के अनुसार, यह फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच हो सकता है। यह फैक्टर मूल वेतन, महंगाई भत्ता (डीए), मकान किराया भत्ता (एचआरए), परिवहन भत्ता (टीए) और वेतन के अन्य हिस्सों को प्रभावित करेगा। यानी आपकी सैलरी में हर हिस्से पर इसका असर दिखेगा।
देरी की वजह क्या है?एम्बिट कैपिटल की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि भले ही सिफारिशें जनवरी 2026 के लिए प्रस्तावित हैं, लेकिन आयोग का गठन न होने की वजह से लागू होने में देरी हो सकती है। इस देरी की वजह से कर्मचारियों को बकाया भुगतान में भी बढ़ोतरी हो सकती है। यानी अगर आयोग देर से लागू होता है, तो कर्मचारियों को ज्यादा बकाया मिल सकता है।
क्या होगा भविष्य?कुल मिलाकर, 8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक सुनहरा अवसर ला सकता है। लेकिन, यह सब प्रशासनिक प्रक्रियाओं, बजट की मंजूरी और आयोग की सिफारिशों को अंतिम रूप देने पर निर्भर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सब कुछ सही रहा, तो कर्मचारियों की जेब में जल्द ही ज्यादा पैसे आ सकते हैं।
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